ईस्टर संडे (पुनरुत्थान दिवस) पर गिरजाघरों और मसीही संस्थानों में धार्मिक अनुष्ठान और प्रार्थना सभाएं हुईं। प्रभु यीशु के जी उठने पर महापर्व की खुशियां मनाई गईं। प्रवचनों में कहा गया कि प्रभु यीशु ने मृत्यु को जीवन का विकास बताया था, न कि विनाश। यही संदेश देने के लिए वे तीसरे दिन फिर से जीवित हो गए। वजीरपुरा स्थित निष्कलंक माता महागिरजाघर में रविवार सुबह महाधर्माध्यक्ष डा. अल्बर्ट डिसूजा ने पादरियों के साथ प्रार्थना करवाई। संगीत मंडली ने प्रभु यीशु की महिमा का गुणगान किया। प्रतापपुरा स्थित सेंट मेरीज चर्च में सुबह आठ बजे फादर अमित, फादर जॉन रोशन, फादर मून लाजरस, फादर जॉनसन ने प्रार्थना करवाई। भक्ति गीतों का गायन सेंट लॉरेंस सेमीनेरी के छात्रों ने किया। फादर जॉनसन ने कहा कि प्रभु ईसा मसीह का पुुनरुत्थान उनमें विश्वास करने वालों के लिए आशा का दिन है। विश्वासी मानते हैं कि एक दिन उनका भी पुनरुत्थान होगा। इसी तरह शहर के अन्य गिरजाघरों में भी धार्मिक अनुष्ठान कराए गए। क्रिश्चियन समाज सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष माइकिल सिल्वेरा, डेनिस सिल्वेरा, दीपक फेड्रिक ने विश्वासियों को ईस्टर की शुभकामनाएं दी हैं। सेंट पॉल चर्च में भंडारा सेंट पॉल्स चर्च प्रबंधक समिति की ओर से ईस्टर के मौके पर चर्च रोड पर भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद वितरित किया गया।