कासगंज। ग्राम प्रधान शासन के निर्धारित मानदेय ले रहे हैं लेकिन सदस्यों खाली हाथ हैं। उनके लिए सरकार से निर्धारित प्रति बैठक 100 रुपये मानदेय उन्हें नहीं दिया जा रहा। जिले में 5421 सदस्य चुने गए है। लेकिन इनमें से किसी को बैठकों में शामिल होने का मानदेय नही मिला।सरकार ने ग्राम प्रधानों,ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों के मानदेय 2021 में बढ़ाया था। ग्राम प्रधानों को 3,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह, ब्लॉक प्रमुख का मानदेय 9,800 रुपये से 11,300 रुपये और जिला पंचायत अध्यक्ष का मानदेय 14,000 रुपये से 15,500 रुपये प्रतिमाह देने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सदस्यों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों के मानदेय 500 रुपये बढ़ाए गए। मुख्यमंत्री ने पहली बार ग्राम पंचायत सदस्यों को प्रति बैठक 100 रुपये मानदेय देने के निर्देश दिए। इससे पूर्व ग्राम पंचायत सदस्यों को कोई भत्ता का नही मिलता था। जिले में 423 ग्राम पंचायतों में प्रधान चुने गए और सात विकास खंडों में 5421 ग्राम पंचायत वार्ड में निर्वाचित हुए। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए समय-समय पर खुली बैठकों का आयोजन किया जाता है। इन बैैठकों के लिए मानदेय नहीं दिया जा रहा। वहीं, डीपीआरओदेवेंद्र सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत में बैठक के आयोजन पर सदस्यों के उपस्थित रहने पर उन्हें भत्ता देने का प्रावधान है। किसी सदस्य ने मानदेय के संबंध में शिकायत नही की है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।