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Agra News: पुलिस की ''भूतिया'' जांच, मृत पर लगाया बिजली चोरी का इल्जाम

Fri, 06 Jun 2025 11:22 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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मैनपुरी। पुलिसिया लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। 15 साल पहले मर चुके एक व्यक्ति पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। आरोप पत्र में शामिल किए मृतक के बेटे ने अदालत को बताया कि उसके पिता की मृत्यु 1996 में ही हो चुकी थी। इस पर कोर्ट ने विवेचक के खिलाफ समन जारी करते हुए उससे सफाई मांगी है। मामला थाना कोतवाली के मोहल्ला राजा का बाग से जुड़ा है। यहां के निवासी राजेश पांडेय का बिजली कनेक्शन 8 अगस्त 2011 को बकाया बिल 26,904 रुपये के चलते जेई अतुलेंद्र ने अस्थायी रूप से काट दिया था। 23 अगस्त 2011 को विजिलेंस टीम ने दोबारा जांच की, तो पाया कि राजेश पांडेय के बेटे राहुल और शरद ने बिना बिल चुकाए और बिना विभाग की अनुमति के कटे हुए कनेक्शन को दोबारा जोड़कर बिजली का इस्तेमाल किया। इसके बाद थाना कोतवाली में बिजली चोरी की धारा 138 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें राहुल और शरद को बिजली का संचालक बताया गया था। विवेचक आरपी मौर्य ने इस मामले की जांच की। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और गवाहों के बयानों के आधार पर राजेश पांडेय पुत्र रामस्वरूप के खिलाफ बिजली चोरी का अपराध साबित करते हुए 24 नवंबर 2011 को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट के न्यायालय में आरोप पत्र भेज दिया। न्यायालय ने 19 जनवरी 2012 को इस पर संज्ञान लिया और राजेश पांडे को समन जारी कर दिया। कई समन जारी होने के बावजूद जब राजेश पांडेय पेश नहीं हुए, तो करीब 11 साल बाद 12 अप्रैल 2023 को उनके बेटे राहुल ने न्यायालय में उपस्थित होकर एक प्रार्थना पत्र दिया। राहुल ने अदालत को सूचित किया कि उनके पिता राजेश पांडेय की मृत्यु घटना से 15 साल पहले, यानी 24 अक्टूबर 1996 को ही हो चुकी थी। राहुल ने यह भी बताया कि उन्होंने विवेचक आरपी मौर्य को पिता की मृत्यु से संबंधित दस्तावेज पहले ही दे दिए थे, इसके बावजूद आरोप पत्र उन्हीं के खिलाफ भेजा गया।
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