आगरा के थाना एमएम गेट क्षेत्र स्थित गुड़ की मंडी में इमली वाली मस्जिद के बाहर सड़क पर तरावीह के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप लगाया गया है कि सड़क पर तरावीह की नमाज पढ़ी गई थी, जिससे यातायात बाधित हुआ। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अनुमति की शर्तों का उल्लंघन किया गया। अनुमति निरस्त होने के बाद भी नमाज पढ़ाई गई। इस मामले में तीन नामजद और 150 अन्य आरोपी हैं।
थाना प्रभारी ने दर्ज कराया है मुकदमा
मुकदमा थाना के प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार अवस्थी ने लिखाया। इसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, धारा 144 का उल्लंघन और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गईं हैं। इसमें कहा गया है कि गढ़ैया हकीमान निवासी सैयद इरफान अहमद को दो से नौ अप्रैल तक के लिए रात आठ बजे से 10 बजे तक इमली वाली मस्जिद पर तरावीह की नमाज की अनुमति दी गई थी। यह अनुमति एक अप्रैल को अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर ने दी थी। इसमें दिशा निर्देश भी दिए गए थे। आरोप है कि आयोजकों ने निर्देशों का उल्लंघन किया।
ये है आरोप
आरोप ये भी है कि दो अप्रैल को इमली वाली मस्जिद के बाहर तरावीह की नमाज हुई। इसमें भीड़ अधिक थी। सार्वजनिक मार्ग पर भी नमाज कराई गई, जिससे यातायात अवरुद्ध हो गया। लोगों को आने में परेशानी का सामना करना पड़ा। दस बजे के बाद भी कार्यक्रम किया गया। प्रशासन को रिपोर्ट दी गई। इस पर चार अप्रैल को अनुमति निरस्त कर दी गई। इसके बावजूद आयोजक सैयद इरफान, हसीन, समी आगाई सहित 100 150 अज्ञात लोगों ने सड़क पर तरावीह अदा कराई। इससे जनता में धर्म के आधार पर विद्वेष बढ़ाने का कार्य किया गया। लोक शांति में विघ्न डालने का कार्य किया। थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मामले में विवेचना की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।