50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज
आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा की टीम ने केस से संबंधित दस्तावेज कब्जे में ले लिए थे। इसके बाद केस से संबंधित कई लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजे गए थे। केस के विवेचक निरीक्षक शिव कुमार ने बताया कि मुकदमे की विवेचना की जा रही है। 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें पुलिस प्रशासन के अधिकारी से लेकर आरोपी सहित अन्य लोग शामिल हैं। तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारियों के भी बयान लिए हैं। साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। अभी चार्जशीट लगाया जाना बाकी है। 20 से अधिक के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस की लापरवाही आई थी सामने
जोंस मिल प्रकरण में बम धमाके के मामले से लेकर जमीन को खुर्द बुर्द करने तक में पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। बम धमाके के मुकदमे में पहले विवेचक ने केस में बिल्डर चुनमुन का नाम बढ़ाया था। आरोप था कि वह साजिश में शामिल रहा। बाद में विधिक राय के आधार पर नाम निकाल दिया था।
विवेचक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई थी। जांच हुई। बाद में जमीन खुर्दबुर्द करने के मामले में बिल्डर चुनमुन को हरिद्वार से पकड़ा गया। जेल भेजा गया। रज्जो जैन और सरदार कंवलदीप सिंह की गिरफ्तारी के दबिश का दावा किया गया। उनको अग्रिम जमानत कोर्ट से मिल गई। बाद में विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा में स्थानांतरित हो गई।
कलेक्ट्रेट से जुटाए गए थे साक्ष्य
ईओडब्ल्यू की टीम कई बार कलेक्ट्रेट आ चुकी है। इसमें जमीन मामले से संबंधित दस्तावेज जुटाए गए थे। घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया था। टीम ने आरोपियों से पूछताछ की थी। सूत्रों ने बताया कि सामने आया था कि सरकारी जमीन को बेचा गया। यमुना डूब क्षेत्र की जमीन को भी बेचा गया। इन सब तथ्यों को चार्जशीट में शामिल किया जा रहा है।