कासगंज। नगर पालिका परिषद के भवन में जिला सृजन के बाद 9 वर्षों तक पुलिस अधीक्षक व पुलिस विभाग के कार्यालय संचालित हुए। निर्वाचन विभाग का कार्यालय भी वहां में संचालित रहा, लेकिन इन विभागों के द्वारा अभी तक पालिका के भवन के किराये का भुगतान नहीं किया है। यह भुगतान 1.38 करोड़ रुपये से अधिक का है। इस संबंध में नगरपालिका द्वारा किराया वसूली के संबंध में नोटिस जारी किए जाते हैं, लेकिन भुगतान तो दूर उनका जवाब भी संबंधित विभागों द्वारा नहीं दिया जाता है।वर्ष 2008 में कासगंज जिला सृजित हुआ। उस समय नगरपालिका में नए भवनों का निर्माण हुआ था। इन भवनों का निर्माण किराये की आमदनी के लिए कराया गया था। जिला बनने के बाद यह संयोग रहा कि 9 वर्षों तक नगर पालिका परिषद से ही कलेक्ट्रेट कार्यालय का संचालन हुआ। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सीडीओ सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के कार्यालय पालिका के भवनों में बनें। पुलिस का रेडियो ऑफिस एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं कर्मियों के कार्यालय भी नहीं बने। विभागों के सरकारी कामकाज होते रहे, लेकिन विभागों के द्वारा किराये की रकम का भुगतान नहीं किया। यह राशि प्रत्येक कार्यालय पर लाखों रुपये में बकाया है। पालिका परिसर के भवनों में अभी भी महिला थाना एवं रेडियो विभाग संचालित है। इसके अलावा सदर कोतवाली की सोरों गेट पुलिस चौकी भी पालिका के भवन में संचालित है। यह किराया अभी तक विभागों ने नहीं दिया तो फिर से नगरपालिका फिर से पैरवी शुरू की है।