मथुरा में रेलवे द्वारा नई बस्ती स्थित अपनी जमीन खाली कराने के लिए कराई गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर नई बस्ती के 100 से अधिक परिवार शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां जिलाधिकारी से एक प्रतिनिधिमंडल मिला। मांग की है कि उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे नई बस्ती के लोगों से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नोकझोंक हो गई। पुलिस ने समझाया कि शहर में धारा 144 लागू है। ऐसे में भीड़ का जमावड़ा गैर कानूनी है। मगर, लोग डीएम से मुलाकात करने की मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे तक चली नोकझोंक के बाद नई बस्ती का एक प्रतिनिधि मंडल डीएम से मुलाकात करने के लिए पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल ने डीएम के समक्ष मांग रखी कि उनके घरों को तोड़ा जा रहा है। अब उनके पास रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। बच्चे सड़कों पर आ गए हैं। खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं है। प्रशासन उनके पुनर्वास की व्यवस्था करे। कार्रवाई को रोका जाए।
सभी ने अपने मकान संबंधी दस्तावेज, नगर निगम की हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और अपने वोटर कार्ड, आधार कार्ड एवं विद्युत बिल भी डीएम के समक्ष प्रस्तुत किए। इस दौरान याकूब शाह, वकीलुद्दीन, चांद, मुन्ना शाह, राजू, अकील, खलीफ व अन्य मौजूद रहे।