कासगंज। सूरज की अग्नि परीक्षा के आगे आम जनमानस रविवार को पस्त नजर आए। आसमान से दिनभर आग बरसती रही। अधिकतम पारा 45.1 डिग्री तक पहुुंच गया। कूलर, पंखे तक गरम हवा फेंकते रहे, जिससे लोगों को इनके नीचे बैठकर भी राहत नहीं मिल सकी। वहीं स्टेशन पर एक मासूम की तबियत भी बिगड़ गई। हालांकि पानी पिलाने पर उसे राहत मिल गई।
जेठ का महीना समाप्त होने की ओर है, लेकिन जिले में गर्मी कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही है। रविवार को सुबह से ही गरम हवाएं चलने लगी। सुबह सात बजे पारा 31.8 डिग्री पर रहा। इसके बाद पारे ने तेजी से उछाल मारा। एक घंटे में पारा पांच डिग्री चढ़ गया। जिससे आठ बजे ही पारा 36.8 डिग्री तक पहुंच गया। सुबह से ही इतनी अधिक गर्मी देखकर लोग हाहाकार कर उठे। दोपहर के समय अधिकतम पारा 45.1 डिग्री पहुंच गया। पारे की अधिकता के चलते लोग पेड़ों की छांव के नीचे बैठकर राहत पाने की कोशिश करते देखे गए। हैंडपंप, वाटर कूलर पर पानी पीने के लिए लोगों की लाइनें लगी रहीं। सूरज अस्त होने के बाद भी गरम हवा चलती रहीं। मौसम विभाग की मानें तो अभी लोगों को गरमी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं हैं। पारा और चढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बाजार में दिखा सन्नाटा
रविवार को भीषण गर्मी के कारण बाजार में भी सन्नाटा दिखाई दिया। बाजार में ग्राहक दिखाई नहीं दिए। इसके चलते दुकानदार भी दुकान में आराम करते दिखाई दिए। गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने शीतल पेय का सहारा लिया लेकिन इससे भी उन्हें आंशिक राहत ही मिल सकी।
गर्मी से रेलवे स्टेशन पर बिगड़ी मासूम बालिका की तबियत
गर्मी की अधिकता के चलते रेलवे स्टेशन पर अन्नू (5) पुत्री मुकेश कुमार निवासी हसायन, हाथरस की हालत बिगड़ गई। वह अपने माता- पिता के साथ गंगा स्नान जाने के लिए ट्रेन से कासगंज आई थी। गंगा स्नान जाने के लिए बरेली मार्ग की ट्रेन का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। बच्ची की तबियत बिगड़ने पर परिजन की चिंता बढ़ गई। परिजन ने उसके चेहरे पर पानी डाला और पानी पिलाया। इसके बाद उसकी हालत में सुधार आया। तब परिजनों की जान में जान में आई और उन्होंने राहत की सांस ली।