डॉ. शरद भारद्वाज, प्रोफेसर अर्थशास्त्र एवं अंजू जैन, अध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग
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उत्तर प्रदेश के आगरा में लोगों ने बजट पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट किसान, युवा और महिलाओं को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। करीब 55 प्रतिशत युवाओं की आबादी वाले देश के बजट में हर तरह से उनका ध्यान रखने की कोशिश की गई है। फिर चाहे वो तीन लाख रुपये तक की आमदनी को टैक्स फ्री करना हो या शिक्षा लोन के ब्याज में सालाना तीन प्रतिशत की कमी।
कई अच्छी घोषणाएं की गईं
कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम से युवाओं का कौशल विकास कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की योजना अच्छी है। देश की आबादी के दूसरे बड़े वर्ग यानि किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए मदद का अप्रत्यक्ष लाभ आम जनता को भी मिलेगा। -डॉ. शरद भारद्वाज, प्रोफेसर अर्थशास्त्र, आगरा कॉलेज
उम्मीद बढ़ाने वाली हैं घोषणाएं
वित मंत्री ने बजट में कृषि और ग्रामीण विकास पर जोर दिया गया है। कृषि क्षेत्र में निवेश और सब्सिडी से किसानों की आय में वृद्धि होगी। ग्रामीण क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। गांवों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। बजट में स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ाने की बात से भी उम्मीद है। -अंजू जैन, अध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग, आरबीएस काॅलेज
रोजगार की दिशा में सकारात्मक
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बेहद सधा हुआ बजट पेश किया है, जो देश को प्रगति की राह पर ले जाएगा। पहली नौकरी वालों को एक लाख रुपये से कम आय होने पर ईपीएफओ में पहली बार पंजीकरण करने वालों को 15 हजार रुपये सरकार देगी। खासकर रोजगार की दिशा में यह सकारात्मक बजट है। -रुचि अग्रवाल, आयकर विशेषज्ञ