कासगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग 530 बी के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि के मामले को लेकर भू-स्वामियों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि आबादी की भूमि को कृषि भूमि के रूप में अधिग्रहित किया जा रहा है जिससे भू-स्वामियों को पूरा मुआवजा नहीं मिल सके। आक्रोशित लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने अधिसूचना संशोधित करने की शिकायतों का संज्ञान नहीं लिया। इससे भू-स्वामी बर्बादी के कगार पर आ सकते हैं। पीड़ित 22 भू-स्वामियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज कर विरोध जताया है। एनएच 530 बी के लिए अधिग्रहण की अधिसूचना कई माह पूर्व जारी हो चुकी है। अधिसूचना जारी होने के बाद से ही भू-स्वामी गलत भू-उपयोग दर्शाने पर आपत्तियां जता रहे हैं। कई भू-स्वामियों की भूमि अधिसूचना में कृषि की दिखाई गई है, लेकिन इस भूमि पर इमारतें खड़ी हैं। लोग इन इमारतों में रह रहे हैं और कारोबारी गतिविधियां भी भवनों में संचालित हैं। कॉलोनी विकसित है। भू-स्वामियों का कहना है कि उनकी जायज समस्या को प्रशासन निस्तारित नहीं कर रहा है। जो भूमि राजस्व प्रशासन के द्वारा कई वर्ष पूर्व आबादी क्षेत्र के रूप में घोषित की हैं। तहसील में उसके मूल रिकॉर्ड भी मौजूद हैं। इसके बावजूद प्रशासन सरकारी रिकॉर्ड की अनदेखी कर रहा है। इस मामले में पीड़ित 22 भू-स्वामियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजकर विरोध जताया है।