मैनपुरी में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी 26 से 30 जुलाई तक दो घंटे के कार्य बहिष्कार पर हैं। बुधवार को लगातार दूसरे दिन सुबह आठ से 10 बजे तक स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया, जिससे अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशान देखा गया। दो घंटे तक मरीज जिला अस्पताल में उपचार के लिए भटकते रहे।
नहीं मिल सका उपचार
बुधवार को सीएमएस की सजगता के चलते डॉक्टर तो अपने कक्ष में मौजूद रहे। लेकिन अस्पताल के फार्मासिस्ट, एएनएम, लैब टैक्नीशियन, वार्ड ब्वॉय आदि कार्य बहिष्कार पर रहे, जिसके चलते अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को दो घंटे तक उपचार नहीं मिल सका। अस्पताल के इंजेक्शन रूम, दवा वितरण काउंटर, प्लास्टर रूम आदि पूरी तरह से दो घंटे तक बंद रहे, जिसके चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार के बाद भी इमरजेंसी सेवाएं जारी रखीं। हालांकि सीएमएस डॉ. मदनलाल ने बताया कि कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण दो घंटे तक परेशानी रही। बाद में सभी मरीजों को उचित उपचार के साथ दवा उपलब्ध कराई गई।
कर्मचारियों ने अस्पताल में किया प्रदर्शन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बुधवार को भी जिला अस्पताल में दो घंटे का कार्य बहिष्कार रखा। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि जब तक नीति विरुद्ध किए गए स्थानांतरण की प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया जाता तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
स्थानांतरण नीति को लेकर आक्रोश
जिला अस्पताल में प्रदर्शन के दौरान राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अवधेश यादव ने कहा कि सरकार से प्रांतीय पदाधिकारी नीति विरुद्ध तरीके से की गई स्थानांतरण नीति को लेकर कई मुलाकात कर चुके हैं। प्रांतीय पदाधिकारियों की शिकायत पर शासन ने अधिकारियों पर कार्रवाई भी की है, लेकिन इसके बाद भी स्थानांतरण प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अस्पताल प्रांगण में दो घंटे के कार्य बहिष्कार के साथ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर नेत्रपाल सिंह यादव, शिवमंगल सिंह चौहान आदि लोगों ने भी अपने विचार रखे।