कासगंज। जिला अस्पताल में सोमवार को 1197 मरीज पहुंचे। जिससे मरीजों को दो से तीन घंटे तक का समय लग गया। ईएनटी चिकित्सक न होेने से ऐसे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीज स्ट्रेचर न मिलने से भी परेशान रहे। मौसम में बढ़ता तापमान लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। पोरुआ नगला निवासी अयोध्या देवी सड़क हादसे में रविवार को घायल हो गई। चिकित्सक ने महिला को सोमवार को सिटी स्केन के लिए बुलाया। वह अपने पुत्र हरिशचंद्र के साथ अस्पताल पहुंची। पुत्र उनको चिकित्सक को दिखाने के लिए स्ट्रेचर तलाशता रहा लेकिन नहीं मिला। इसके बाद वह अपनी मां को गोद में उठाकर ही अस्पताल के भीतर पहुंचा। अस्पताल पर ईएनटी चिकित्सक न होने से भी मरीजों को परेशानी हुई। पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगने पर जब चिकित्सक के न होने की जानकारी मिली तो मायूस हो गए। कान से जुडी समस्या के दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने आए लोगों को भी निराशा हाथ लगी। ऐसे दिव्यांगों को अन्य जनपद से रिपोर्ट लगवाकर आने के लिए बोल दिया गया। अस्पताल में सबसे अधिक भीड संक्रामक रोग विभाग, बाल रोग विभाग में रही। बुखार से पीड़ित 230 मरीज आए, जिसमें से 75 बच्चे शामिल रहे। सांस से पीड़ित 95 मरीज आए। जिसमें से 30 बच्चे रहे। डायरिया के 30 मरीज आए।
मेरे कान में दर्द की शिकायत है। पर्चा बनावने के लिए आधा घंटा लाइन में लगने के बाद ईएनटी न होने की जानकारी मिली, जिससे वापस जाना पड़ रहा है। - प्रीती, मरीज
मुझे बुखार आने के साथ पेट में दर्द की शिकायत है। चिकित्सक ने रक्त की जांच लिखी है। अस्पताल आए दो घ्ंटे हो चुके हैं। अभी रक्त की रिपोर्ट के लिए इंतजार करना है। - सना, मरीज
मुझे दो दिन से बुखार आ रहा है। सुबह नौ बजे अस्पताल आई हूं। 11 बज चुके हैं। रक्त की रिपोर्ट मिलने पर डाॅक्टर को भी रिपोर्ट दिखानी है। - शबनम, मरीज
मुझे बुखार आ रहा है। चिकित्सक ने रक्त की जांच लिखी है। अपने डेढ साल के बेटे के साथ आई हूूं। लाइन में लगे दो घंटे हो चुके हैं अभी तक जांच नहीं हुई है। - हृदेश कुमारी, मरीज
मौसम का मिजाज बदल रहा है। इस मौसम में सावधानी आवश्यक है। धूप से आकर तुरंत पानी न पिएं। ईएनटी चिकित्सक अस्पताल में नहीं है। -डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस