जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर का रेगुलेटर फटने के साथ हुए धमाके से आधा घंटे तक मरीज और तीमारदार दहशत में रहे। हादसा उस समय हुआ जब एक मरीज को ऑक्सीजन लगाई जा रही थी।
मैनपुरी के महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की सुबह एक मरीज को ऑक्सीजन लगाते समय अचानक जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर का रेगुलेटर फट गया। धमाका होने से अस्पताल में अफरा तफरी मच गई। करीब आधा घंटे तक लोग दहशत में रहे।
विज्ञापन
शहर के मोहल्ला छपट्टी निवासी पप्पू की पत्नी प्रीती को परिजन गंभीर हालत में बृहस्पतिवार की सुबह लगभग 11 बजे जिला अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां प्रीती की अंतिम सांसें देखते हुए डॉक्टर अर्जुन सिंह ने ऑक्सीजन लगाने की सलाह दी। कर्मचारी प्रीती को ऑक्सीजन लगाने जा रहा था कि अचानक जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर का रेगुलेटर जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। यहां मौजूद तीमारदार धमाके की आवाज सुनकर भागे तो इमरजेंसी डॉक्टर की मेज और कुर्सियां पलट गईं और तीमारदार उनके ऊपर जा गिरे। किसी तरह से कर्मचारी ने ऑक्सीजन को बंद किया।
आधा घंटे तक रही दहशत
किसी प्रकार से ईएमओ और फार्मासिस्ट उदय प्रताप सिंह ने स्थिति को संभाला। इस दौरान करीब आधा घंटे तक इमरजेंसी में दहशत जैसा माहौल रहा। जब ईएमओ और फार्मासिस्ट ने बताया कि रेगुलेटर फट गया था तब मरीज और तीमारदार शांत हुए। जिस मरीज को डॉक्टरों ने ऑक्सीजन लगाने के लिए कहा था जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। ईएमओ का कहना था कि मरीज मृत अवस्था में ही लाया गया था। उसे ऑक्सीजन देकर जांच करने का प्रयास किया गया था।
ड्रिप के साथ मरीज बाहर की ओर दौड़े
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर के रेगुलेटर के फटने से हुए धमाके से अस्पताल में इस कदर दहशत फैली कि इमरजेंसी में भर्ती मरीज जो चलने लायक थे अपनी ड्रिप हाथ में लेकर बाहर की ओर भागे। जो मरीज चलने लायक नहीं थे उनके तीमारदारों ने मरीजों को उठाया और ड्रिप के साथ बाहर की ओर भागे।
डॉक्टर के समझाने के बाद वार्ड में गए मरीज
इमरजेंसी में हुए धमाके के बाद मरीज इतने घबरा गए थे कि इमरजेंसी में अपने बेड पर जाने को तैयार नहीं थे। जब डॉक्टर और अन्य लोगों ने समझाया तब मरीज अपने बेड पर जाने के लिए तैयार हुए। करीब 20 मिनट तक मरीज बाहर ही लेटे रहे।
ईएमओ डॉ. अर्जुन सिंह ने बताया कि एक मरीज को ऑक्सीजन देते समय अचानक रेगुलेट फटने से तेज आवाज हुई। इसके चलते मरीज और तीमारदार भयभीत हो गए। हालांकि थोड़ी देर में ही स्थिति को संभाल लिया गया था।