कासगंज। पटियाली के छात्र रियाजुल ने चिवनिंग हाउस, केंट, इंग्लैंड में आयोजित चिवनिंग स्कॉलर मीट-अप कार्यक्रम में भारत के विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद और यूके के विदेश मंत्री डेविड लैमी की मौजूदगी में अपना शोध प्रस्तुत किया। इस सफलता से परिवार के लोगों में खुशी की लहर है। हजरत अमीर खुसरो की जन्मस्थली पटियाली से विश्व की सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटी कैम्ब्रिज का छात्र बनने तक का रियाज़ुल समद बिन मोहम्मद सफर काफी चुनौती भरा रहा है। उनके पिता मोहम्मद बिन मोईन का 25 साल पहले निधन हो गया। इसके बाद इनकी मां बदरजहां अपने तीन बच्चों के साथ पटियाली के मोहल्ला चौक मैन बाजार में मायके आ गईं। उनकी शिक्षा नाना डॉ. नुसरत अली के घर पर हुई। मां बच्चों के बेहतर भविष्य और शिक्षा के लिए दिल्ली जाकर रहने लगीं। उनकी बेटी शारिका रूमी गंजडुंडवाला में परिषदीय स्कूल में शिक्षिका हैं। दूसरे नंबर के बेटे रियाजुल ने लखनऊ से आर्किटेक्ट व शहरी डिजाइनर की पढ़ाई की। फॉरन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (एफसीडीओ) और कैम्ब्रिज ट्रस्ट द्वारा एक करोड़ रुपए की वित्तपोषित चिवनिंग स्कॉलरशिप में उनका चयन किया। इसके बाद दो अक्तूबर 2024 को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में उनका चयन हो गया। छोटा भाई आदिल बीएससी में अध्ययनरत है। चिवनिंग स्कॉलर मीट-अप कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूके के विदेश मंत्री डेविड लैमी की मौजूदगी में सतत शहरी योजना और जलवायु परिवर्तन शमन विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया। छात्र के मामा चाहत अली ने बताया कि रियाजुल बचपन से ही काफी होनहार रहा है। उसने पटियाली के साथ पूरे जिले का नाम रोशन किया है।