ट्रेन पकड़ने के लिए जुटी लोगों की भीड़। संवाद
होली के मौके पर घर जाने की जल्दी में निकले यात्रियों को सोमवार शाम परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज बस अड्डों पर भीड़ उमड़ने के बाद भी बसों की संख्या कम नजर आई। कई लोगों को बस मिलने के बाद भी बैठने के लिए सीट नहीं मिली। रोडवेज बस न मिलने पर मजबूरन लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा, जहां उनसे मनमाना किराया वसूला गया। वहीं रेलवे स्टेशनों पर भी यात्रियों की भारी भीड़ रही। ट्रेनों मेंं जगह नहीं मिल पाई। स्लीपर क्लास में प्रवेश के लिए यात्रियों को जद्दोजहद करनी पड़ी।
शाम करीब पांच बजे के बाद आईएसबीटी और अन्य बस अड्डों पर यात्रियों की भीड़ एकदम बढ़ गई। कई लोग छोटे बच्चों और महिलाओं के साथ सामान लेकर पहुंचे थे। बसें आते ही भर जा रही थीं। महिलाओं और बच्चों को सीट दिलाने के लिए लोग धक्का-मुक्की करते नजर आए। जिन परिवारों को सीट नहीं मिली, वे बस अड्डे और सड़क किनारे खड़े होकर अगले वाहन का इंतजार करते रहे। एटा, मैनपुरी, लखनऊ, दिल्ली, कानपुर, और जयपुर मार्ग पर जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रही। यात्री सुनील कुमार ने बताया कि परिवार के साथ तीन घंटे से बस का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सीट नहीं मिली। इस वजह से प्राइवेट वाहन में जाना पड़ा और सामान्य से दोगुना किराया दिया। क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि बसों की कोई कमी नहीं थी। 200 अतिरिक्त बसें लगाईं गई हैं। सुबह से एक के बाद एक बस संचालित की जा रही है।