सोरोंजी। हर एकादशी को लगाई जाने वाली शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा रविवार को सुबह 9 बजे प्रारंभ होगी। ब्राह्मण कल्याण सभा के तत्वावधान में शूकरक्षेत्र की परिक्रमा प्रारंभ होने से पहले श्रद्धालु हरि की पौड़ी में गंगा स्नान कर भगवान वराह मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इससे पहले सभी तैैयारियों पूरी कर ली गईं। शनिवार को हुई ब्राह्मण कल्याण सभा की बैठक में परिक्रमा संयोजक शरद पांडेय ने कहा कि यह एकादशी पापांकुशा एकादशी कह लाती है। इस दिन पंचकोसी परिक्रमा सुबह 9 बजे भगवान वराह मंदिर विश्राम घाट प्रांगण से हरि कीर्तन करते हुए प्रारंभ होगी । आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 13 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगी और 14 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 41 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस दिन भगवान विष्णु (भगवान वराह) के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। एकादशी तिथि का व्रत रखने से विशेष कार्यों में सफलता भी मिलती है। पापांकुशा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है। इसलिए भक्त श्रद्धापूर्वक एकादशी की तिथि पर लक्ष्मी नारायण की पूजा करते हैं।