मैग्मा बीमा कंपनी का खाता कुर्क करने का आदेश
-आदेश के बाद भी मृतक आश्रितों को नहीं दिया मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के आदेश के बाद भी मुआवजा की धनराशि नहीं देने पर अधिकरण के पीठासीन अधिकारी ने वाहन की बीमा कंपनी का खाता कुर्क करने के आदेश बैंक के शाखा प्रबंधक को दिए हैं। 19 अगस्त से पहले मुआवजा की धनराशि 56.28 लाख रुपये बैँक के शाखा प्रबंधक को अधिकरण में जमा कराने को कहा है।
मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी/जिला जज पीएन राय ने एक्सिस बैंक शाखा सेक्सपीयर सरानी कोलकाता पश्चिम बंगाल को पत्र भेजा है। पत्र में कहा है कि बैंक शाखा में बीमा कंपनी मैग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का खाता है। अधिकरण द्वारा सड़क हादसे के एक मामले में बीमा कंपनी को मृतक आश्रितों को 44.14 लाख रुपया 7.5 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने के आदेश दिए थे।
पत्र में कहा है कि बीमा कंपनी ने अधिकरण के आदेश के बाद भी मुआवजा की धनराशि का भुगतान नहीं किया है। भुगतान की धनराशि अब 56.28 लाख हो चुकी है। अधिकरण के पीठासीन अधिकारी ने आदेश में कहा है कि मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के आदेश के बाद भी मुआवजा की धनराशि नहीं देने पर वाहन की बीमा कंपनी का खाता कुर्क करें। 19 अगस्त से पहले मुआवजा की धनराशि 56.28 लाख रुपये अधिकरण में जमा कराएं।
सरकारी कर्मचारी था मृतक
करहल के जौंथरी निवासी राजेंद्र सिंचाई विभाग में कर्मचारी थे। वर्ष 2019 में ट्रक की टक्कर से उनकी मौत हो गई थी। उनकी पत्नी अशोक कुमारी तथा पुत्र मोहित ने अपने अधिवक्ता महेंद्र कुमार मिश्रा के माध्यम से मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में मुआवजा पाने के लिए ट्रक की बीमा कंपनी के खिलाफ दावा दायर किया था। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी ने वाहन की बीमा कंपनी को बीमा कंपनी को मृतक आश्रितों को 44.14 लाख रुपया 7.5 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने के आदेश दिए थे। बीमा कंपनी द्वारा भुगतान नहीं किए जाने पर मृतक की पत्नी द्वारा की गई शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है।