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ऑपरेशन प्रहार: रंग ला रहा आईजी का अभियान, बीहड़ के साइबर अपराधियों पर शिकंजा, दो हैलो गैंग पंजीकृत

Fri, 25 Jun 2021 01:21 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आईजी नवीन अरोरा ने बताया कि साइबर अपराध के आए दिन मामले सामने आ रहे हैं। अपराधी लोगों को बातों में लेकर खाते में रकम जमा करा लेते हैं। पूर्व में खेरा राठौर के गांव मझटीला का प्रेम सिंह और पिढ़ौरा में गांव रीठई के बंटू का गैंग पकड़ा गया था। इनको जेल भेजा गया था। 
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पुलिस गिरफ्त में आए हैलो गैंग के सदस्य (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में चंबल के बीहड़ में सक्रिय साइबर अपराधियों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आईजी रेंज नवीन अरोरा के ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत दो हैलो गैंग को पंजीकृत किया गया है। यह गैंग अंतरजनपदीय और अंतर परिक्षेत्रीय में बनाए गए हैं। इनके दो सरगना और 14 सदस्यों को पुलिस पूर्व में जेल भेज चुकी है। अब और नाम सामने आने पर पुलिस कार्रवाई करेगी।

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आईजी नवीन अरोरा ने बताया कि साइबर अपराध के आए दिन मामले सामने आ रहे हैं। अपराधी लोगों को बातों में लेकर खाते में रकम जमा करा लेते हैं। पूर्व में खेरा राठौर के गांव मझटीला का प्रेम सिंह और पिढ़ौरा में गांव रीठई के बंटू का गैंग पकड़ा गया था। इनको जेल भेजा गया था। आरोपियों के 14 सदस्य भी जेल गए। मगर, गैंग पंजीकृत नहीं किया गया था। ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत दोनों गैंग को पंजीकृत कर दिया गया है। गैंग पंजीकृत करने में अपराध करने का तरीका और सदस्यों की संख्या होती है। साइबर अपराध के मामले में कोई और आरोपी पकड़ा जाता है तो उसका और पंजीकृत गैंग से कनेक्शन पता किया जाएगा। अगर, वह भी पंजीकृत गैंग का सदस्य पाया जाता है तो उसका नाम भी शामिल कर लिया जाएगा।

तरीका नंबर : 1 पंजीकरण के नाम पर जमा कराते है रुपये
चंबल के बीहड़ के गांवों में सक्रिय हैलो गैंग का सरगना गुजरात, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र आदि राज्यों में नौकरी का विज्ञापन देता हैं। यह विज्ञापन सोशल मीडिया पर दिया जाता है। अपना एक नंबर लिखते हैं, जब लोग कॉल करते हैं तो सदस्य एकांत में मोबाइल लेकर बैठे रहते हैं। उनसे बात करते हैं। नौकरी के लिए पंजीकरण कराने के नाम पर पांच से सात हजार रुपये जमा कराते हैं। इसके बाद इंटरव्यू खर्च के नाम पर सात से आठ हजार तक ले लेते हैं। बाद में अपना मोबाइल नंबर बंद कर लेते हैं।

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तरीका नंबर : 2 गैंग के सदस्य लड़की बनकर करते हैं बात
हैलो गैंग सोशल मीडिया पर महिला मित्र बनाने का विज्ञापन देते हैं। जब लोग विज्ञापन में दिए नंबर पर कॉल करते हैं तो सदस्य बात करते हैं। महिला मित्र बनाने के नाम पर पांच से दस हजार तक शुरूआत में जमा कराते हैं। इसके बाद ऑनलाइन फोटो शेयर और डेटिंग के नाम पर रकम जमा करा ली जाती है। मिलने के लिए होटल और टैक्सी खर्च के नाम पर रकम जमा करा लेते हैं। ऐसे में लोगों से 50 से 70 हजार रुपये तक की ठगी कर ली जाती है। कई बार गैंग के सदस्य लड़की बनकर भी बात करते हैं।

1. गैंग नंबर
- डी-74
सरगना
- प्रेम सिंह निवासी गांव मझटीला, थाना खेरा राठौर।
सदस्य
- गांव मझटीला निवासी सचिन, सतीश, सनी, दयानंद, सुनील, श्रीकृष्ण, देवकिशन, चंद्रपाल, दिनेश, अमिताभ हैं।

2. डी- 76
सरगना
- बंटू निवासी रीठई, थाना पिढ़ौरा।
सदस्य
- पिढ़ौरा के गांव रीठई निवासी केशव, प्रेमवीर, पिढ़ौरा के गजनपुरा निवासी रन सिंह, थाना बासौनी के गांव उमरैठा निवासी रामकरन हैं। 
 
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ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट माल भाड़ा के नाम पर ठगी करने वाला गैंग भी पंजीकृत
ऑपरेशन प्रहार के तहत ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट भाड़ा के नाम पर ठगी करने वाले गैंग को भी पंजीकृत किया गया है। इसमें जैतपुर के गांव गढ़वार निवासी आदेश, हरेंद्र, नया बांस निवासी प्रेम सिंह, मथुरा के सुरीर निवासी मुनेंद्र शर्मा, कासगंज के चौपारा निवासी सचिन सोलंकी, नरायच निवासी रिषभ जादौन, दुर्गेश, चित्राहाट के गांव पुरा चौधरी निवासी गौरव और ताजगंज के कलाल खेरिया निवासी दिलीप हैं। पुलिस के मुताबिक, गैंग आनलाइन साइट पर ट्रांसपोर्ट कंपनी का विज्ञापन देते थे। माल भेजने के नाम पर भाड़ा जमा करा लेते थे। इसके बाद मोबाइल बंद कर लेते थे।

12 से अधिक गांव में सक्रिय हैं गैंग
बाह और पिनाहट के बीहड़ में कई दशक पहले डकैतों का राज चलता था। मगर, अब दौर बदल गया है। हाईटेक युग में यहां साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। साइबर ठग गैंग से जुडे़ 12 से अधिक गांव के युवा लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। नौकरी, महिला मित्र, लोन दिलाने, बीमा पॉलिसी का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी करते हैं। पुलिस ने वर्ष 2019 में गैंगों को चिह्नित किया था। इसके बाद कार्रवाई शुरू की थी। 70 से ज्यादा बदमाशों को पुलिस जेल भेज चुकी है। अब दो गैंग को पंजीकृत किया गया है। आगे भी गैंग सामने आते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाकर गांव के युवाओं को सही राह दिखाने का काम किया था।

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