एसएन मेडिकल कॉलेज का सुपर स्पेशियलिटी सेंटर
- फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज की सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण पूरा न होने पर अब स्त्री रोग विभाग की पुरानी इमारत में सुपर ओपीडी का 22 अगस्त से संचालन होगा। अभी मरीज पुरानी ओपीडी और विभागों में देखे जा रहे हैं। मंगलवार को बैठक कर ओपीडी के शेड्यूल पर चर्चा की गई।
पुरानी इमारत में देखे जाएंगे ये मरीज
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इमारत में अभी 3 महीने का और समय लगेगा। ऐसे में स्त्री रोग विभाग की पुरानी इमारत में मस्तिष्क, हृदय, किडनी, फेफड़े, लिवर, पेट रोग समेत गंभीर मरीजों को देखा जाएगा। इसी में सर्जरी की ओपीडी भी चलेगी। प्रारंभिक शेड्यूल में हर रोज पांच विभागों की ओपीडी चलेगी। इसमें दो मेडिसिन और तीन सर्जरी विभाग की हैं। फिलहाल इनके मरीज सर्जरी और मेडिसिन विभाग के वार्ड में भर्ती होंगे। यहां पुरानी ओपीडी में संचालित मेडिसिन और सर्जरी विभाग से रेफर किए गंभीर मरीज ही देखे जाएंगे। इनका पर्चा भी पुरानी ओपीडी में बनेगा। जरूरत पर सुपर स्पेशियलिटी विंग के चिकित्सक सामने बनी स्त्री रोग विभाग की नई इमारत में पर्चा बनवा सकते हैं।
एसजीपीजीआई से जुड़ेगी एसएन की सुपर ओपीडी
लखनऊ के पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन ने बताया कि गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज समेत झांसी, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ और प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज की सुपर स्पेशियलिटी विंग टेलीमेडिसिन के जरिये एसजीपीजीआई से जोड़े जाएंगे। इससे किसी भी गंभीर मर्ज पर चिकित्सक इलाज और सर्जरी के बाबत जानकारी साझा कर सकेंगे।
ये की है व्यवस्था:
पहली मंजिल: न्यूरोलॉजी (तंत्रिका तंत्र-मस्तिष्क की बीमारी)
दूसरी मंजिल: न्यूरोसर्जरी (तंत्रिका तंत्र-मस्तिष्कि संबंधी बीमारी के ऑपरेशन)
तीसरी मंजिल: मेडिकल गेस्ट्रोइंटेरोलॉजी(पेट रोग)
चौथी मंजिल: सर्जिकल गेस्ट्रोइंटेरोलॉजी (पेट रोग के ऑपरेशन)
पांचवीं मंजिल: नेफ्रोलॉजी(किडनी की बीमारी)
छठी मंजिल: यूरोलॉजी(पेशाब संबंधी बीमारी)
सातवीं मंजिल: कॉर्डियोलॉजी(हृदय संबंधी बीमारी)
आठवीं मंजिल: कॉर्डियो थोरायसिस एंड वैस्कुलर सर्जरी(फेफड़ों में कैंसर, हृदय समेत अन्य के ऑपरेशन)