कासगंज। निकाय चुनाव 2023 में दो निवर्तमान चेयरमैन ही मतदाताओं की कसौटी पर खरे उतर सके। जिससे उनकी फिर से वापसी हो गई। जबकि चार निवर्तमान चेयरमैन एवं दो परिजन मतदाताओं की कसौटी पर खरे नहीं उतर सके। इनको चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। जबकि दो सीटों पर आरक्षण बदल जाने से दो निवर्तमान चेयरमैन चुनाव नहीं लड़ सके।
नगर पंचायत अमांपुर के निवर्तमान चेयरमैन चांद अली इस बार बसपा के स्थान पर सपा के समर्थन से चुनाव लड़े। मतदाताओं ने उन पर भरोसा जताते हुए फिर से अध्यक्ष का ताज पहना दिया। नगर पंचायत सिढ़पुरा में निवर्तमान चेयरमैन कंचन गुप्ता को भाजपा ने टिकट नहीं दिया। वह निर्दलीय चुनाव लड़ी और चुनाव जीतने में सफल रहीं।
नगर पालिका कासगंज की सीट महिला के लिए फिर से आरक्षित हो जाने से निवर्तमान चेयरमैन रजनी साहू ने फिर से चुनाव लड़ा, लेकिन मतदाताओं ने उन पर फिर से भरोसा नहीं जताया। उनको हार का सामना करना पड़ा। वह तीसरे पायदान पर खिसक गई।
नगर पालिका गंजडुंडवारा से निवर्तमान चेयरमैन संजीव महाजन को भाजपा ने फिर से चुनाव मैदान में उतारा, लेकिन इस बार मतदाताओं ने उनको नकार दिया। वह सपा प्रत्याशी से चुनाव हार गए और दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। नगर पंचायत बिलराम में निवर्तमान चेयरमैन ज्योति को सपा से टिकट नहीं मिला। वह कांग्रेस से चुनाव मैदान में उतरी। वह चुनाव नहीं जीत सकी और चौथे पायदान पर खिसक गई। नगर पंचायत सहावर से निवर्तमान चेयरमैन सपा के समर्थन से चुनाव लड़ी, लेकिन इस बार मतदाताओं ने उन पर भरोसा नहीं किया। उनको तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा।
नगर पंचायत मोहनपुर में निवर्तमान चेयरमैन सुभाष शाक्य ने अपनी पत्नी नरायनी देवी को निर्दलीय चुनाव लड़ाया, लेकिन मतदाताओं ने उनका साथ नहीं दिया। वह उपविजेता बनी। नगर पंचायत भरगैन में निवर्तमान चेयरमैन जैतून बेगम ने अपनी पुत्र बधु रिहाना बानो को चुनाव लड़ाया। वह निर्दलीय चुनाव लड़ी, लेकिन चुनाव नहीं जीत सकी। वह तीसरे स्थान पर रहीं।
नगर पालिका सोरोंजी मे सीट अनारक्षित हो गई, जिससे निवर्तमान चेयरमैन मुन्नीदेवी को पार्टी ने टिकट नहीं दिया, लेकिन वह चुनाव नहीं लड़ी। नगर पंचायत पटियाली की सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हो गई, जिससे निवर्तमान चेयरमैन शशि मिश्रा चुनाव नहीं लड़ी।