घटनास्थल पर जांच करती पुलिस एवं ग्रामीण की भीड़
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एटा के थाना सकीट क्षेत्र के गांव करमचंदपुर में किसान रामपाल सिंह की हत्या महज पांच बिसवा जमीन को लेकर कर दी गई। किसान की जमीन पर प्रधानपति के सहयोग से आरोपी कब्जा करना चाहते थे, इसका किसान लंबे समय से विरोध करता आ रहा था और मामला अदालत में भी विचाराधीन है। चार दिन पहले भी मृतक के भाई की पत्नी के साथ गांव में ही मारपीट की गई थी।
किसान के पुत्र अजय सिंह ने बताया कि पांच बिसवा जमीन गांव के पास ही है, इस जमीन पर चंदन और चरन सिंह लंबे समय से कब्जा करना चाहते हैं। इसको लेकर मामला अदालत में चल रहा है। प्रधानी चुनाव के समय वर्तमान प्रधान हेमलता के पति सुधीर का साथ चंदन व चरन सिंह ने दिया और जीतने के बाद प्रधानपति भी दबंगई से जमीन पर कब्जा कराने की फिराक में जुट गए।
बताया कि चार दिन पहले चाची गुड्डी देवी पत्नी सुघड़ सिंह के साथ खेत पर मारपीट की गई थी। तब झगड़ा नहीं करने की वजह से शांत हो गए थे। शनिवार की सुबह भी कूड़ा डालने को लेकर चंदन व चरन सिंह के घरवालों ने गाली-गलौज किया था, इसका विरोध भी जताया गया। लेकिन यह नहीं पता था कि पिता की हत्या कर दी जाएगी।
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प्रधानपति का साथ मिलने के बाद दिखाने लगे थे दबंगई
प्रधानी के चुनाव में वर्तमान प्रधान हेमलता देवी का विरोध किया गया था। इसकी रंजिश प्रधानपति सुधीर मानने लगा था, इधर चंदन व चरन सिंह से जमीनी विवाद चल रहा था। दोनों ही अपने-अपने बदला लेना चाहते थे, इसकी वजह से सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र रचकर रास्ता घेरा गया और रामपाल सिंह की हत्या कर दी गई। एएसपी अपराध विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि रंजिश के चलते खेत पर जाते समय किसान रामपाल सिंह की हत्या की गई है। फोरेंसिक टीम व अन्य को जांच में लगाया गया है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। तीन टीमों को लगाया गया है।