मैनपुरी। नाबालिगों के साथ बिना अभिभावक की अनुमति के तस्वीर लेना भी अपराध है। मैनपुरी के एडीजे विशेष पॉक्सो जितेंद्र मिश्रा की कोर्ट ने इसी प्रकार के एक प्रकरण में आरोपी को दोषी करार देते हुए एक साल कैद और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला 31 अगस्त 2021 का है। बिछवां थाना क्षेत्र की एक नाबालिग ने थाने में केस दर्ज कराया था, जिसमें आरोप था कि रिजवान निवासी हन्नूखेड़ा, बिछवां ने आठ माह पूर्व एक तस्वीर ली थी, जिसे वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। 28 अगस्त 2021 को भी उसे बुलाया और दुष्कर्म किया। इसके बाद फिर से बुलाने पर वह नहीं गई तो आरोपी ने उसकी फोटो वायरल कर दी। दर्ज मुकदमे की विवेचना करने के बाद पुलिस ने रिजवान के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में गवाही हुई तो नाबालिग दुष्कर्म की बात से मुकर गई। अभियोजन का ओर से अनूप यादव और विश्वेंद्र सिंह राजपूत ने कोर्ट के समक्ष वायरल फोटो, जो कि चार्जशीट में बतौर साक्ष्य लगे थे, उनको पेश किया। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रिजवान को कोर्ट ने दोषी पाते हुए उसे एक साल की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।