आगरा जिला महिला अस्पताल में लिफ्ट चलने से ज्यादा खराब ही पड़ी रहती है। इससे गर्भवतियों व प्रसूताओं को आए दिन परेशानी उठानी पड़ती है। लिफ्ट खराब होने के बाद ठीक होने में भी कई हफ्ते लग जाते हैं। मजबूरी में उन्हें सीढ़ियों या रैंप का सहारा लेना पड़ता है।
जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए 100 शैया बिल्डिंग बनाई गई है। अस्पताल में प्रतिदिन 300 से अधिक गर्भवती इलाज के लिए आती हैं। प्रतिदिन 20 से 22 प्रसव होते हैं। अस्पताल में जांच के लिए दूसरे तल पर जाना होता है। प्रसव के बाद प्रसूता को तीसरी मंजिल पर बने वार्ड में रखा जाता है।
अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए 2 लिफ्ट लगवाई गई हैं, जिसमें से एक लिफ्ट हमेशा बंद रहती है और दूसरी लिफ्ट यदा-कदा संचालित होती है। वर्ष 2023 में लिफ्ट को 2 बार ठीक कराया गया। उसके बाद फिर से लिफ्ट से खराब हो गई।
ठीक करा रहे
जिला महिला अस्पताल की मुख्य अधीक्षिका डॉ. नीलम रानी का कहना है कि लिफ्ट को ठीक कराने का काम चल रहा है। लिफ्ट का कुछ पार्ट ठीक होने के लिए भेजा हुआ है।