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Agra News: किसान के खाते से निकाल लिए एक लाख रुपये

Fri, 17 May 2024 12:18 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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बेवर।
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गांव जटपुरा निवासी किसान के बैंक खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए गए। खाते का स्टेटमेंट निकलवाने पर पीड़ित को इसकी जानकारी हो सकी। बैंक कर्मियों पर आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है।
किसान विजय सिंह का कस्बा स्थित एक बैंक में खाता है। किसान ने बताया कि बताया कि उसने बैंक से केसीसी लोन कराया था। अप्रैल 2023 में तीन लाख, जून में 50 हजार रुपये निकाले। करीब एक वर्ष बाद मंगलवार को जब वह खाते से निकाले गए रुपये का ब्याज जमा करने गया। इस दौरान पता चला कि मई 2023 को भी खाते से एक लाख रुपये निकाले गए हैं। खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो धोखाधड़ी की जानकारी हुई। किसान ने बैंक कर्मियों पर मिली भगत कर खाते से रुपये निकालने का आरोप लगाया है। मामले में तहरीर मिलने के बाद बेवर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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सहकारी बैंक भोगांव के गबन में बैंक प्रशासन की अपील खारिज
मैनपुरी। दो साल पहले सहकारी बैंक भोगांव में हुए गबन के मामले में उच्च न्यायालय से बैंक प्रबंध कमेटी को फिर झटका लगा है। पहले उच्च न्यायालय ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक अंचल तिवारी की याचिका पर बैंक प्रबंध कमेटी के आदेश निरस्त कर दिए थे। वहीं अब उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ की गई अपील भी खारिज कर दी गई है।
जिला सहकारी बैंक की भोगांव शाखा में दो साल पहले जुलाई 2022 में गबन का मामला सामने आया था। बैंक प्रबंधक कमेटी ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक अंचल तिवारी को 27 अप्रैल 2023 को कनिष्ठ पद पर पदावनत करने, मूल वेतन पर करने और 8.53 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए थे। इसके विरुद्ध अंचल ने उच्च न्यायालय ने याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा था कि पूरा गबन कैशियर ने किया था, जो उनके संज्ञान में नहीं था। इसके बाद भी उन पर एक साथ तीन कार्रवाई बैंक प्रबंध कमेटी ने की हैं। याचिका पर उच्च न्यायालय ने 11 मार्च 2024 को बैंक प्रबंध कमेटी का आदेश निरस्त कर दिया था।
उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ जिला सहकारी बैंक प्रशासन ने उच्च न्यायालय में ही अपील की थी। इस अपील को बिना सुने ही न्यायालय ने खारिज कर दिया। इससे बैंक प्रशासन को एक बार फिर झटका लगा है। उन्हें अब जल्द से जल्द मामले में उच्च न्यायालय के 11 मार्च 2024 के आदेश का पालन करना होगा।
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उच्च न्यायालय ने आदेश में अंकित की टिप्पणी
जिला सहकारी बैंक प्रशासन की अपील को खारिज करने के आदेश में एक टिप्पणी भी की गई है। इसमें कहा गया है कि इंट्रा कोर्ट विशेष अपील में आमतौर पर किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती है। जब तक कि दिए गए निर्णय और आदेश को पढ़ने पर स्प्ष्ट दुर्बलताएं और विकृतियां नजर न आएं। मौजूदा मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में दिए गए आदेश को पढ़ने में ऐसी कोई कमी नजर नहीं आती है।
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