सोरोंजी। कड़ाके की गलनभरी ठंड के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। तीर्थनगरी में ठंड के कारण निरंतर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में गिरावट आ रही है। बुधवार को हरि की पौड़ी सूरज नहीं निकलने के कारण दिनभर घने कोहरे की चादर से ढकी रही। वहीं गंगा स्नान व धार्मिक अनुष्ठान के लिए हरि की पौड़ी पर श्रद्धालुओं की संख्या आम दिनों की अपेक्षा कम रही।हरि की पौड़ी परिक्रमा मार्ग स्थित दर्जन भर घाटों में से सिर्फ बरी वाले घाट, लाल घाट, वराह घाट, भागीरथी गंगा घाट पर ही कुछ श्रद्धालु दिखे। तीर्थपुरोहित पंडित राहुल वशिष्ठ ने बताया कि पुरानी कहावत है कि धन के पंद्रह मकर पच्चीस, चिल्ला जाड़े दिन चालीस। अभी तो मकर संक्रांति तक धन के पंद्रह दिन चल रहे हैं। उसके बाद मकर के पच्चीस दिन ठंड और अधिक पड़ेगी। मकर संक्रांति को सूर्यदेव के दक्षिणायन से उत्तरायण में आ जाने के कारण कोहरे से निजात मिलना प्रारंभ हो जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे ने बताया कि पालिका प्रशासन द्वारा ठंड से राहत दिलाने के लिए तीर्थनगरी में हरि की पौड़ी सहित 50 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं, कासगंज गेट पर रैन बसेरा संचालित किया जा रहा है।