कासगंज। जिले के 17 लाख लोगों का स्वास्थ्य संबंधी डाटा एक क्लिक पर डाॅक्टर के कंप्यूटर की स्क्रीन पर सामने होगा। रोगी को अपने इलाज संबंधी दस्तावेज साथ में लेकर अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर आभा आईडी तैयार कराएगा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) योजना को जिले में लागू कर दिया गया है। मिशन में मुख्य बात यह है कि जिले के हर व्यक्ति की आभा आईडी तैयार की जाएगी। किसी भी जन सेवा केंद्र से आईडी बनवाई जा सकती है, जिसे मोबाइल में एप के जरिए डाउनलोड किया जा सकेगा। वैसे स्वास्थ्य विभाग की टीमें 10 अप्रैल से घर घर जाकर प्रत्येक सदस्य की आभा आईडी तैयार करेंगी। जिस भी अस्पताल में मरीज का उपचार होगा, चिकित्सक उसकी बीमारी से जुड़ी जानकारी और दवाओं का ब्योरा आईडी पर ही चढ़ाएंगे। मरीज को दवा की जरूरत होगी तो मेडिकल स्टोर पर पर्चा दिखाने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ आईडी नंबर बताकर ही दवा ली जा सकेगी। मरीज को बीमारी संबंधी रिकॉर्ड को लेकर नहीं भटकना पड़ेगा। देश के अस्पतालों में प्रत्येक रोगी के इलाज का ब्यौरा उपलब्ध होगा। एक क्लिक में रोगी की पूर्व में कराई गई जांच व उपचार की पूरी जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी। मेडिकल कालेज, संस्थान, सरकारी व निजी मेडिकल संस्थानों को जोड़ा जाएगा।