कासगंज। सरकार से गोवंश के संरक्षण के लिए गोशालाओं को शासन से मिलने वाली अनुदान की धनराशि अब सीधे गोशाला के खाते में आएगी। पहले यह धनराशि पशुपालन विभाग के पास आती थी। उसके बाद गोशालाओं तक पहुंचती थी। इस व्यवस्था से धनराशि समय से नही मिलने की ग्राम प्रधानों की शिकायतें दूर हो जाएंगी। पशुपालन विभाग के पास शासन से अनुदान की धनराशि भेजी जाती थी। इसे लेकर गोशाला संचालकों को शिकायत रहती थी कि पशुपालन विभाग उन्हें समय से धनराशि उपलब्ध नहीं कराता है। जिसकी वजह से गोशाला के संचालन व रखरखाव में काफी दिक्कत होती हैं। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद उनकी इस समस्या का अब समाधान हो जाएगा। गोशालाओं में गोवंश के मुताबिक डिमांड देने पर डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से धनराशि गोशालाओं के खाते में भेजी जाएगी।