कासगंज। मूड़ा रजबहा का पुल व दरवाजे ध्वस्त होने के कारण कई वर्षों से करीब 20 गांवों के खेतों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा था। किसान परेशान थे। उनकी इस समस्या का हल जल्द ही होगा। शासन ने मूड़ा रजबहा के पुल, दरवाजे व अन्य कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसके लिए स्वीकृत करीब 2 करोड़ रुपये के प्रस्ताव में 51 लाख रुपये की किश्त जारी कर दी गई है। अमर उजाला वर्ष 2020 से किसानों की इस समस्या को उठाता आया है।मूड़ा रजबहा गंजडुंडवारा के ढुलाई से निकल कर नरथर तक जाता है। ढुलाई से नरथर तक करीब 20 गांव पड़ते हैं। यहां के किसान इस रजबहा के पानी से खेतों की सिंचाई करते हैं, लेकिन लंबे समय से इसमें पानी नहीं आया। इसके बहाव क्षेत्र में बड़ी-बड़ी झाड़ियां खड़ी हैं। किसान पानी नहीं मिलने से परेशान हो रहे थे और सिंचाई की समस्या का सामना कर रहे थे। वर्ष 2020 में सिंचाई विभाग ने अमर उजाला में इस समस्या के प्रकाशित होने के बाद सर्वे कराया और प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा। यह प्रस्ताव 3 वर्षों तक शासन में अटका रहा। अब इसे मंजूरी मिल गई है। 5 जनवरी को उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव अमित प्रणव ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह मूड़ा रजबहा सिंचाई खंड कासगंज की फर्रुखाबाद शाखा के किलोमीटर 40.868 पर है। इस परियोजना की निर्माण लागत कुल 199.58 लाख की है। 51 लाख रुपये की किश्त जारी होने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।