कासगंज। पुर्न गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना में अब हरी मटर की फसल को भी बीमा कवर में शामिल किया गया है। जनपद में हरी मटर की फसल को लगभग 12 हजार किसान 5500 हेक्टेयर में करते हैं। अब यह किसान भी फसल का बीमा कराकर नुकसान की भरपाई कर सकेंगे।बीमा योजना ऋणी एवं गैर ऋणी दोनों तरह के किसानों के लिए स्वैच्छिक है। यदि ऋणी किसान इस बीमा योजना में सम्मिलित नहीं होना चाहते हैं तो ऐसी स्थिति में अपने बैंक शाखा स्तर पर बीमा कराने की अंतिम तिथि के 7 दिन पूर्व सूचना देनी होगी। गैर ऋणी किसान बैंक शाखा, कॉमन सर्विस सेंटर या फिर फसल बीमा पोर्टल पर ऑनलाइन बीमा करा सकेंगे। कृषक द्वारा स्व प्रमाणित फसल बुवाई से संबंधित प्रमाण पत्र भी देना जरुरी होगा। आगामी रबी सीजन में बोई जाने वाली हरी मटर हेतु जोखिम कवरेज अवधि 1 दिसंबर से 29 फरवरी होगी। जनपद में क्रियान्वयन के लिए एक बीमा एजेंसी को नामित किया गया है। बीमा कराने की अंतिम तिथि 30 नवंबर रहेगी। कृषकों को हरी मटर हेतु बीमित राशि का 5% या वास्तविक दर, जो भी कम हो, प्रीमियम देय होगा। कृषक अंश के अतिरिक्त प्रीमियम की धनराशि को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा बराबर-बराबर वहन किया जाएगा।
अब अन्य फसलों की तरह हरी मटर की फसल पर बीमा कवर के दायरे में होगी। जिसका लाभ हरी मटर के फसल की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा। बीमा करने के बाद यदि फसल को नुकसान होता है तो किसानों को बीमा कंपनी से उसकी भरपाई की जाएगी। डॉ. अवधेश मिश्र, जिला कृषि अधिकारी कासगंज।