शासन के आदेशों का पालन न करने और कार्य में लापरवाही बरतने पर प्रभारी जिलाधिकारी ने पांच अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। वहीं गलत रिपोर्ट उपलब्ध कराने पर प्रभारी बीएसए का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। सभी को तत्काल अपना स्पष्टीकरण देने के लिए आदेशित किया गया है।
बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त आगरा मंडल आगरा अमित गुप्ता ने वीसी के माध्यम से समीक्षा की थी। इसमें ग्रामीणों से वाटर यूजेज चार्ज वसूली, कृत्रिम गर्भाधान समेत अन्य कार्यों की प्रगति खराब मिली थी। मंडलायुक्त ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी।
इस पर प्रभारी जिलाधिकारी विनोद कुमार ने डीपीआरओ अविनाश चंद को नियमानुसार वाटर यूजेज चार्जर वसूल न किए जाने पर नोटिस जारी किया है। वहीं अब तक बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों के जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण न होने पर बीएसए दीपिका गुप्ता को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा सेक्स शॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति खराब होने पर सीवीओ डॉ. एके सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
वहीं बिना अनुमति जिला मुख्यालय छोड़ने पर परियोजना अधिकारी डूडा आरके सिंह को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योती शाक्य को पत्र जारी कर पोषण पुनर्वास केंद्र में अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के निर्देश भी प्रभारी जिलाधिकारी ने दिए हैं।
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गलत रिपोर्ट देने पर प्रभारी बीएसए का रोका वेतन
बृहस्पतिवार को बीएसए दीपिका गुप्ता अवकाश पर थीं। प्रभारी बीएसए के रूप में खंड शिक्षाधिकारी जेपी पाल कार्य देख रहे थे। उनके द्वारा प्रभारी जिलाधिकारी विनोद कुमार को एक गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। प्रभारी जिलाधिकारी ने जब जानकारी की तो गड़बड़ी सामने आई। इस पर उन्होंने प्रभारी बीएसए का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
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विभागीय कार्यों में लापरवाही पर चार अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं प्रभारी बीएसए द्वारा गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए उनका वेतन भी रोका गया है।
-विनोद कुमार, प्रभारी जिलाधिकारी।