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नहीं मिल रहे वाहन, घर पहुंचने के लिए पैदल चल रहे है लोग

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- फोटो : AMAR UJALA
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फिरोजाबाद। भाई साहब इटावा, कानपुर के लिए कोई वाहन मिलेगा। यह शब्द सुहागनरी के बीच से गुजर रहे उन लोगों की जुबां पर सुनाई दिए। जो दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम से पैदल चलकर फिरोजाबाद पहुंचे। लेकिन यहां पर भी वाहन नहीं मिले। ऐसे में इन लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई। काफी समय तक सुभाष तिराहा के साथ अन्य स्थानों पर बैठकर वाहनों का इंतजार करते दिखाई दिए। कुछ नहीं मिला तो नगर निगम के कूड़ा उठाने वाले वाहनों को हाथ देकर रोकना शुरू कर दिया। नगर निगम के चालकों ने भी इनकी मदद की। जहां तक जाना था, वहां न इन लोगों को बैठा लिया। इसके बाद दूसरे वाहन का इंतजार करने के लिए बैठ गए। इटावा के ग्वालियार रोड के गांव घुमनूपुरा निवासी प्रदीप कुमार अपनी पत्नी अंजली के साथ गुरुग्राम में नौकरी करते है। शाम को कैंटर से आगरा पहुंच गए। सुबह एक पुलिसकर्मी इनको अपने वाहन में बैठाकर फिरोजाबाद तक ले आया। यहां पर वाहन नहीं मिला तो यह परिवार पैदल ही इटावा के लिए चल दिया। प्रदीप कुमार के साथ अन्य लोग भी थे। यह सभी लोग गुरुग्राम में नौकरी करते है। इलाहाबाद के नैनी निवासी सुरेश, राकेश, दिलशाद, जाकिर, रोशनलाल दिल्ली से पैदल चलकर फिरोजाबाद पहुंचे थे। जाटवपुरी के समीप एक दुकान खुली मिली तो नमकीन के पैकेट लेकर खाना शुरू कर दिया। नोएडा से कानपुर जा रहे संदीप, पुष्पेंद्र ग्रुप के साथ पैदल ही कानपुर के लिए जा रहे थे। रास्ते में खाने के लिए कुछ नहीं मिला, तो खूब के कारण चलना भी दुश्वार हो रहा था। रसूलपुर पुलिस ने इसको खाना उपलब्ध कराया। तब इन लोगों ने राहत मेहसूस की और गंतव्य के लिए रवाना हो गए।    
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