देश-विदेश में कान्हा के भक्तों को प्रसाद उपलब्ध कराने वाले ब्रज के प्रख्यात मंदिरों को अब प्रसाद बनाने का लाइसेंस लेना होगा। पहले चरण में श्रीकृष्ण जन्मस्थान, बांकेबिहारी, द्वारिकाधीश और रंगजी महाराज मंदिर में बनने वाले प्रसाद को फूड लाइसेंस की प्रक्रिया के अधीन लाया जा रहा है। इतना ही नहीं, मंदिरों को प्रसाद के लिए कच्ची खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले भी इसी दायरे में होंगे।
भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला भूमि मथुरा, वृंदावन के साथ गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव, गोकुल, महावन, बलदेव स्थित प्रख्यात मंदिरों में भक्तों के लिए प्रसाद तैयार किया जाता है। यह प्रसाद देश-विदेश में लाखों भक्तों तक पहुंचता है।
इस स्थिति में अब इन मंदिरों में तैयार हो रहे प्रसाद को खाद्य विभाग के मानकों पर कसने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत संबंधित मंदिरों को फूड लाइसेंस लेने होंगे। इस प्रक्रिया में उन लोगों को भी शामिल किया जाएगा, जो इन मंदिरों को कच्ची खाद्य सामग्री उपलब्ध कराते हैं।
जिला अभिहीत अधिकारी चंदन पांडेय ने बताया कि प्रसाद्म योजना के तहत मुंबई के सिद्धी विनायक मंदिर के पैटर्न पर ब्रज के मंदिरों के प्रसाद को तय मानकों के अनुरूप तैयार कराने की पहल की जा रही है। मंदिरों को फूड लाइसेंस भी लेने होंगे।