कासगंज। सिकंदराराऊ क्षेत्र में आयोजित हुए भोले बाबा के सत्संग के कार्यक्रम में जिले से सैंकड़ों की संख्या में अनुयायी सत्संग सुनने पहुंचे, लेकिन सत्संग के कार्यक्रम में भगदड़ होने से जिले के नौ अनुयायियों की मौत हो गई। अब इन अनुयायिों के परिवारों में चीत्कार मचा हुआ है।
भोले बाबा के सत्संग का कार्यक्रम पहले से ही प्रस्तावित था। सत्संग का कार्यक्रम का समापन करीब डेढ़ बजे हुआ। उसके बाद वहां भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में एक दूसरे के पैरों से कुचलते हुए जिले की सात महिलाओं व एक युवती और एक किशोर की मौत हो गई। हादसे की जानकारी होने पर सत्संग में जाने वालों के परिजन घबरा गए। सभी अपने परिजन की तलाश के लिए मौके पर रवाना हो गए। भगदड़ के हादसे में पटियाली क्षेत्र के गांव प्यारमपुर की महिला सोनवती पत्नी सत्यप्रकाश, रेवती पत्नी छोटे लाल की मौत हो गई। वहीं इस गांव की गोविंद सागर की पत्नी ज्ञान देवी और उसका पुत्र निखिल गंभीर घायल हो गया। गांव प्यारमपुर से 25 से 30 अनुयायी सत्संग में गए हुए थे।
वहीं गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के गांव बहोटा की युवती प्रियंका (20) पुत्री रामसेवक की भी भगदड़ में मौत हो गई। वह अपनी मां गुड्डो देवी और पिता रामसेवक के साथ सत्संग में गई थी। वहीं सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव गोरहा की मीरा देवी पत्नी प्रेमशंकर भी भगदड़ में गिर गईं और दबकर उनकी भी मौत हो गई। मीरा देवी भी गांव के अन्य लोगों के साथ सत्संग सुनने गईं थीं।
वहीं नगला खंजी निवासी सीमा पत्नी सोमपाल, बिलराम की मुन्नी देवी पत्नी तोताराम, और सलेमपुर पिरौंदा गांव की मीनू पत्नी मदनपाल,सहावर के सादिकपुर गांव निवासी सुदामी देवी और कोतवाली क्षेत्र के नौरथा गांव निवासी जवांश पुत्र प्रेम सिंह की मौत हुई। बिलराम के मुन्नालाल पत्नी सोनवती और सादिकपुर की गुर्जन देवी व रामा देवी गंभीर रूप से घायल हो गई।
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