कासगंज। जिले में संचालित नौ आयुर्वेद अस्पतालों के दिन बहुरने वाले हैं। इन अस्पतालों का अपना भवन मिलेगा। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। अस्पताल बनने के बाद इनको हेल्थ वेलनेस सेंटर में बदला जाएगा। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर आयुर्वेद इलाज मिल सकेगा।
सरकार आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आयुर्वेद अस्पतालों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। ताकि इन अस्पतालों पर इलाज की सुविधाओं को बढ़ाया जा सके। इसमें सबसे बड़ी बाधा अस्पतालों का अपना भवन न होना है। जिले में वर्तमान में 11 आयुर्वेद अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इनमेंं से तबालपुर, एवं मझौला ही ऐसे अस्पताल हैं, जो अपने भवनों में संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों को हेल्थ वेलनेस सेंटर में बदला जा चुका है। शेष जो नौ अस्पताल हैं वे या तो किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं या फिर ग्रामीणों के माध्यम से उपलब्ध कराई गई जगह में इनका संचालन हो रहा है। पर्याप्त स्थान न हो पाने से मरीजों को भी दिक्कतें रहती हैं। सरकार की ओर से इन अस्पतालों को अपने भवन में संचालित कराने की योजना है। शासन के निर्देश के बाद विभाग की ओर से अस्पताल के लिए जमीन की तलाश का कार्य किया जा रहा है।
इन अस्पतालों का होना है भवन निर्माण
मामों, मोहनपुर, ललुपुरा, एवं सिकंदरपुर वैश्य बजीरपुर, सरावल किनावा, सिढ़प़रा, गोरहा
आयुर्वेद अस्पताल हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में बदले जाएंगे। जिन अस्पतालों के भवन अपने नहीं हैं उनको अपने भवन में संचालित करने के लिए जगह की तलााश की जा रही है। जैसे ही जगह मिलेगी शासन को प्रस्ताव तैयार करके भेजा जाएगा।- डॉ. मनोज गुप्ता, जिला आयुर्वेद अधिकारी,