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एनजीटी ने दिया झटका, ताजनगरी के सैकड़ों उद्योगों को अनुमति देने पर रोक

Thu, 08 Oct 2020 05:39 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

एनजीटी में दायर याचिका 214/2020 में डॉ. शरद गुप्ता ने नौ जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा केंद्रीय प्रदूषण
नियंत्रण बोर्ड की सूची में श्रेणी संशोधन करने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र
से बाहर जाकर संशोधन करने को चुनौती दी है।
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एनजीटी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आगरा में चमड़ा उद्योग समेत व्हाइट श्रेणी के 156 और ग्रीन श्रेणी के 28 उद्योगों को अनुमति देने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने रोक लगा दी है। ताजनगरी के चिकित्सक डॉ. शरद गुप्ता की याचिका पर एनजीटी ने 28 जनवरी 2020 तक के लिए यह रोक लगाई है। इस दौरान उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संशोधित की गई सूची के उद्योगों को अनुमति जारी नहीं कर सकता।
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एनजीटी में दायर याचिका 214/2020 में डॉ. शरद गुप्ता ने नौ जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सूची में श्रेणी संशोधन करने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर संशोधन करने को चुनौती दी है।


याचिकाकर्ता डॉ. गुप्ता ने केरल मामले में एनजीटी के आदेश को आधार बनाकर आपत्तियां दर्ज कराई थी। सोमवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चेयरमैन जस्टिस आदर्श गोयल, जस्टिस एस पी बांगड़ी और विशेषज्ञ सदस्य नगीन नंदा की बेंच ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किए हैं। उनसे एक सप्ताह में शपथ पत्र मांगा गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। तब तक उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को संशोधित की गई सूची वाले उद्योगों की अनुमति जारी करने पर रोक लगा दी गई है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जो श्रेणी तय की थी उसमें उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कोई संशोधन नहीं कर सकता। मेरी आपत्ति इसी बात पर है। अगर ग्रीन से कोई श्रेणी व्हाइट करनी है तो वह सीपीसीबी करे न कि यूपीपीसीबी। - डॉ. शरद गुप्ता, याचिकाकर्ता ।
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