कासगंज। भारत सरकार के द्वारा भारतीय दंड संहिता एवं भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता में बदलाव किया है। ये बदले हुए कानून आज परिवर्तित नामों से लागू होंगे। भारतीय दंड संहिता को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के नाम से जाना जाएगा, जबकि भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के नाम से जाना जाएगा। नए कानूनों की जानकारी देने के लिए पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
जनपद पुलिस ऑफिस में नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। पिछले पांच दिनों से लगातार नए कानूनों के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रविवार को पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण सत्र में जो जानकारियां नए एक्ट के बारे में दी गई हैं।
उनका पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही न रहे। संयुक्त निदेशक अभियोजन हरीश चंद्र एवं ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी दिनेश प्रसाद ने तीनों कानूनों के नए बदलाव आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। नए प्रावधानों प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने, विवेचना, महिला और बच्चों के संबंध में मामलों, न्याय प्रणाली में प्रोधोगिकी का समावेश, अपराध एवं दंड, समय और शीघ्र न्याय, आपराधिक न्याय प्रणाली में परिवर्तन, पुलिस की जवाबदेही, और पारदर्शिता से संबंधित सभी प्रक्रियात्मक विधि पर प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती, सीओ सिटी अजीत चौहान, सीओ पटियाली विजय राणा, सीओ सहावर शाहिदा नसरीन, निरीक्षक, उपनिरीक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।