मैनपुरी। करहल के मोहल्ला भटेला में 18 साल पहले हुए नेत्रपाल हत्याकांड में शुक्रवार को एडीजे-5 स्वप्नदीप सिंघल की कोर्ट ने फैसला सुनाया। मुकदमे में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया गया। वहीं, एक आरोपी की पूर्व में ही ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। तीनों दोषियों की सजा के बिंदु पर 27 मई को सुनवाई होगी। घटना 12 जून 2007 की है। करहल के मोहल्ला भटेला के प्रयाग सिंह ने करहल थाने में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि उनके पड़ोस में रहने वाले नीरज कुमार चौबे, उसका भाई सरकारी अध्यापक प्रदीप कुमार चौबे और इनके पिता जगदीश नारायण चौबे रंजिश मानते थे। मकान को छोड़कर जाने का दबाव बना रहे थे। 12 जून को घर में यह तीनों आए। इनके साथ छोटेलाल कुलश्रेष्ठ भी आया। प्रदीप चौबे ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से बेटे नेत्रपाल को खाना खाते समय गोलियां मारीं। बचाव में परिवार की महिलाएं आईं तो उनको धमकाते हुए चले गए। नेत्रपाल की आगरा में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए मामले की जांच की। चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। अभियोजन की ओर से रोहित गुप्ता ने कोर्ट में साक्ष्य व गवाहों को पेश किया। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर नीरज कुमार चौबे उसका भाई सरकारी अध्यापक प्रदीप कुमार चौबे और छोटेलाल को दोषी करार दिया। वहीं, जगदीश नारायण की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। दोषियों की सजा के बिंदु पर 27 मई को कोर्ट में सुनवाई होगी।