फोटो03पंड़ित मुकुंद बल्लभ भट्ट। संवाद
कासगंज। शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू होंगे। इस बार माता रानी गजानन (हाथी) पर सवार होकर सुख समृद्धि बरसाने के लिए भू-लोक पर आएंगी और 10 दिन भक्तों पर कृपा बरसाएंगी। पर्व के दिनों में कई शुभ योगों का संयोग भी रहेगा।ज्योतिषाचार्य पंडित मुकुंद बल्लभ भट्ट बताते हैं कि पंचांग के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्र को बेहद शुभ माना जा रहा है। वैसे तो माता रानी की सवारी सिंह है, लेकिन जब वे पृथ्वी पर आती हैं तो उनकी सवारी बदल जाती है। मां जगदंबे की सवारी नवरात्र के प्रारंभ होने वाले दिन पर निर्भर करती है। नवरात्रि की शुरुआत जिस दिन होती है, उस दिन के आधार पर उनकी सवारी तय होती है। पर्व का शुभारंभ सोमवार से हो रहा है। इस लिए माता रानी हाथी पर सवार होकर आएंगी। मां का वाहन हाथी ज्ञान व सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पर्व का शुभारंभ शुक्ल योग में होगा। चंद्र और मंगल की युति तुला राशि में होने से महालक्ष्मी राजयोग बनेगा। इसके अलावा रवि योग, गजकेसरी राजयोग का शुभ संयोग रहने वाला है।
इस तरह होगी नवरात्र में माता की पूजा
22 सितंबर-प्रथमा-शैलपुत्री
23 सितंबर- द्वितीया- मां ब्रह्मचारिणी
24 सितंबर- तृतीया- मांं चंद्रघंटा
25 सितंबर -तृतीया- मांं चंद्रघंटा
26 सितंबर- चतुर्थी-मां कूष्मांडा
27 सितंबर- पंचमी- मां स्कंदमाता
28 सितंबर-षष्टी- मां कात्यायनी
29 सितंबर- सप्तमी- मां कालरात्रि
30 सितंबर अष्टमी- मां महागौरी
01 अक्तूबर- नवमी- मां सिद्धदात्रि