लोहामंडी में हुई थी पहली गिरफ्तारी
- अगस्त 2019 में आगरा के लोहामंडी थाना में पहली गिरफ्तारी हुई थी। मुकदमा खंदारी निवासी फरहीन ने लिखाया था। उसकी शादी खातीपाड़ा निवासी जमीरउद्दीन से हुई थी। फरहीन के तीन तलाक का आरोप लगाने पर पुलिस ने आरोपी पति जेल भेजा।
- अक्तूबर 2021 में पति ने पत्नी को पुलिस लाइन के बाहर तलाक बोल दिया था। पत्नी काउंसिलिंग में आई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी पति को जेल भेजा।
- अगस्त 2021 में मंटोला पुलिस ने पूर्व मंत्री चौधरी बशीर को जेल भेजा था। मामले के अनुसार, करीम नगर निवासी उनकी पत्नी नगमा ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें तीन तलाक बोलने का आरोप था।
तीन साल की सजा का प्रावधान
वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्ग विजय सिंह ने बताया कि इस मामले में मुस्लिम महिला (विवाह अधिनियम संरक्षण) एक्ट की धारा तीन और चार में मुकदमा दर्ज किया जाता है। यह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में है। पुलिस आरोपी को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है। वादी मुकदमा को सुनने के बाद जमानत पर निर्णय कोर्ट लेती है। इसमें दोषी पाए जाने वाले को तीन साल की सजा हो सकती है।
आगरा जोन के एडीजी राजीव कृष्ण ने बताया कि पीड़ित महिलाओं की शिकायत मिलने पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाता है। आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।