बकरे की केक काटकर दी प्रतीकात्मक कुर्बानी
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ईद उल अजहा के मौके पर सोमवार को शहर के मुसलमानों ने अल्लाह की राह में कुर्बानी की। ईदगाह समेत प्रमुख मस्जिदों में नमाज अदा करके खुशहाली की दुआ मांगी गई।
ईदगाह में ईद की नमाज शहर मुफ्ती ने अदा कराई। उन्होंने कहा कि नमाज दिल के इरादे से होनी चाहिए केवल जुबान से नहीं। अल्लाह देख लेता है कि किस नीयत से लोग ईद और बकरीद में जा रहे हैं। अल्लाह किसी भी गलती को माफ कर सकता है, लेकिन वह जानबूझकर न की गई हो।
आजमपाड़ा के राष्ट्रवादी गुलचमन शेरवानी ने इस दफा भी बकरे की कुर्बानी की जगह बकरे के चित्र वाले केक को काटकर प्रतीकात्मक कुर्बानी दी। उन्होंने कहा कि बकरे को बच्चे की तरह पाला था, लेकिन कुर्बानी देने की जगह उसे बेच दिया। इस्लाम में कुर्बानी फर्ज है, इसलिए प्रतीकात्मक रूप से केक काटा। इस दौरान उनकी पत्नी और बच्चों के साथ पड़ोसी भी मौजूद रहे।