कासगंज। जिले की सरजमीं पर पुरा संपदाओं का बड़ा खजाना है। इस पुरा संपदा के खजाने को सहेजने के लिए कलेक्ट्रेट एवं विकास भवन परिसर में तीन एकड़ भूमि पर संग्रहालय बनेगा। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। चिह्नित की गई भूमि की नापजोख कर ली गई है। अब शासन की मंजूरी का इंतजार है।तीर्थनगरी सोरोंजी की धरा पर भगवान विष्णु के तृतीय अवतार के रूप में भगवान वराह का प्राकट्य हुआ। वहीं संत तुलसीदास ने भी यहां जन्म लिया। वहीं, पटियाली तहसील में संगीतकार एवं कवि अमीर खुसरो का जन्म हुआ। महाभारत काल में राजा द्रुपद का किला पटियाली में था। इस स्थान पर मौजूदा समय में पटियाली की तहसील है। मानव सभ्यता के लोह कालीन व कांस्य कालीन प्रमाण यहां मिल चुके हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संग्रहालय में इस खोज से जुड़े प्रमाण संरक्षित हैं। डीएम मेधा रूपम ने पुरा संपदा की जानकारी मिलने पर यहां की पुरा संपदा को सहेजने के लिए एक ब्लू प्रिंट तैयार किया। पुराविद् विशेषज्ञों के साथ मंथन किया और काफी पुरा संपदा को खोजकर कलेक्ट्रेट में रखवाया गया। तत्कालीन जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने भी इस दिशा में पटियाली सोरोंजी व अन्य इलाकों में जहां तहां मिलीं प्राचीन मूर्तियों का संग्रह कराया था। उस समय 36 मूर्तियां संग्रहित की गईं थीं।