कासगंज। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के 10 निकायों में से 9 में कूड़े के निस्तारण के लिए एमआरएफ प्लांट (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) लगाए गए हैं। लेकिन विद्युत कनेक्शन न होने के चलते इन प्लांटों का संचालन नहीं हो सका। निकाय बजट का अभाव बता रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ नगर पंचायत बिलराम में चिह्नित भूमि पर विवाद के कारण यहां प्लांट का विस्तार नहीं किया जा सका।
कासगंज जिले में 10 निकाय है। इनमें तीन नगर पालिका और सात नगर पंचायत शामिल हैं। केंद्र सरकार के निर्देश पर स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत 9 निकायों में एमआरएफ प्लांट (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) लगाए गए। लेकिन बिजली कनेक्शन न होने के कारण इनका संचालन शुरू नहीं किया जा सका। हालांकि निकायों ने विद्युत विभाग को संयोजन के लिए आवेदन दे कर अन्य प्रक्रिया पूरी कर चुकी हैं। लेकिन अभी तक संयोजन नहीं हुए हैं। इसके अलावा नगर पंचायत बिलराम में एमआरएफ प्लांट के लिए चिह्नित की गई भूमि पर विवाद है। इसके चलते यहां एमआरएफ प्लांट की स्थापना नहीं हो सकी है। शेष निकायों में से नगर पंचायत मोहनपुर ने विद्युत संयोजन के लिए बजट का न होना बताया।
प्रत्येक प्लांट पर पांच टन कूड़े का होगा निस्तारित
जिन निकायों में एमआरएफ प्लांट तैयार हो गए हैं। यहां प्रतिदिन पांच टन कूड़े का निस्तारण होगा। इसमें सूखा और गीला कूड़ा मशीनों के माध्यम से अलग किया जाएगा। इसके बाद गीले कूड़े से खाद बनाई जाएगी। मानक के अनुरूप कूड़े की मात्रा से 30 फीसदी खाद तैयार होगी। सूखे कूड़े की छंटनी कर प्लास्टिक, लोहा, लकड़ी अलग की जाएंगी। अलग किए गए कूड़े की बिक्री कर निकाय आमदनी बढ़ाएगी।
जिले के 9 निकायों में एमआरएफ प्लांट लग चुके हैं। मशीनें लगाई जा चुकी हैं। लेकिन विद्युत कनेक्शन के अभाव में इनका संचालन नहीं किया जा सका। संचालन शुरू होते ही कूड़े का निस्तारण होगा। निकायों की आमदनी बढ़ेगी। - आतिफ हुसैन, डीपीएम, स्वच्छ भारत मिशन