कासगंज। शहर के कूड़े के निस्तारण के लिए एमआरएफ प्लांट लगाया गया, लेकिन यह एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फेसेलिटी) प्लांट शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए बिजली का कनेक्शन अभी तक नहीं मिल सका है। नतीजा मानव श्रम के द्वारा ही कूड़ के निस्तारण का कार्य किया जा रहा है। एमआरएफ प्लांट के माध्यम से कूड़े से खाद तैयार करने का प्रावधान किया गया, लेकिन अब ठप पड़ा है।स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर के कूड़े के निस्तारण के लिए एमआरएफ प्लांट स्थापित किया गया। यह प्लांट अहरौली में लगाया गया है। शहर का कूड़ा भी वहीं पर डाला जा रहा है। प्लांट की मशीनें भी आ चुकी हें। यहां शहर से निकलने वाले कूड़े को अलग अलग करने की व्यवस्था है। करीब 40 लाख रुपये की लागत से यह प्लांट लगाया गया, लेकिन कूड़ा निस्तारण का कार्य विधिवत शुरू नहीं हो सका है। कूड़ा निस्तारण न होने से अहरौली क्षेत्र में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। जहां मानवश्रम के माध्यम से ही कूड़ा छांटने का काम किया जा रहा है। पालिका प्रशासन का कहना है बिजली का कनेक्शन अभी तक नहीं मिल सका है। जिसके कारण प्लांट की मशीनें नहीं चल पा रहीं। बिजली का कनेक्शन चालू होने के बाद कूड़ा निस्तारण सही तरीके से हो सकेगा और खाद भी बनेगी।
वर्जन-
- एमआरएफ प्लांट तैयार है। बिजली के कनेक्शन का आवेदन कई माह पहले कर दिया गया। अब जब विद्युत निगम कनेक्शन चालू करेगा तभी कार्य शुरू हो सकेगा- धर्मराज सिंह, ईओ।