कासगंज। निकाय क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत नौ एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बन चुके है। चार केंद्रों पर कचरा निस्तारण का कार्य शुरू हो गया है लेकिन विभिन्न समस्याओं के कारण शेष का सेंटरों का संचालन शुरू नहीं सका है। नतीजा सड़क किनारे जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। जिले में दस निकाय क्षेत्र हैं। इनमें तीन नगर पालिका और सात नगर पंचायत हैं। निकाय क्षेत्रों में प्रतिमाह 1691 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा निस्तारण के लिए दो वर्ष पूर्व नौ एमआरएफ सेंटरों को निर्माण हो चुका है। सहावर, माेहनपुर, भरगैन और गंजडुंडवारा में एमआरएफ सेंटर चालू हो गए है। कासगंज, सोरोंजी, सिढ़पुरा में विद्युत कनेक्शन होने के बाद भी मशीनों को स्थापित नहीं किया जा सका है। इसके चलते इसका संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है। इससे निकायों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।निकायों से निकलने वाले कूड़ा-कचरा को कर्मियों द्वारा सड़क किनारे फेंका जा रहा है। कासगंज में बिलराम गेट, हजारा नहर के समीप, अहरौली में अमरपुर काली नदी सड़क किनारे, सोरोंजी में सलेमपुर बीबी मार्ग, बिलराम कस्बा में छर्रा मार्ग पर कूड़े देखे जा सकते हैं।