प्रसव का बिल नहीं चुकाने पर नवजात बेचने के मामले में अस्पताल संचालक पर एफआईआर दर्ज होगी। डीएम प्रभु एन सिंह ने इसके निर्देश सीएमओ को दिए हैं। उधर, पीड़ित महिला ने थाना एत्माद्दौला में तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी है।
शंभू नगर निवासी शिवचरण की पत्नी बबीता ने 24 अगस्त को यमुनापार स्थित जेपी हॉस्पिटल में प्रसव कराया था। 30 हजार रुपये न होने पर एक लाख रुपये में नवजात बेचने का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर एसीएम और पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए और पुलिस ने नवजात वापस दिलवाया। बुधवार को बबीता ने थाना एत्माद्दौला में तहरीर दी है। एत्माद्दौला पुलिस का कहना है कि पीड़िता की शिकायत पर जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग के नोटिस का नहीं दिया जवाब
नवजात बेचने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जेपी हॉस्पिटल को सील कर दिया है। अस्पताल की ओर से नोटिस का जवाब भी नहीं आया है। अब इस मामले की रिपोर्ट बनाकर पुलिस को भी दी जाएगी। अपंजीकृत अस्पताल के प्रभारी डॉ. आरके अग्निहोत्री ने बताया कि चिकित्सकीय मानकों की कमी पर अस्पताल सील किया जा चुका है।