चैत्र नवरात्र: देवी मंदिर एवं परिवेश की हुई साफ सफाई
आगरा। शक्ति की उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्र इस वर्ष बेहद खास और ऐतिहासिक संयोग लेकर आ रहा है। चैत्र नवरात्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को तीन शुभ योग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पूरे 72 वर्षों के बाद अमावस्या और नवरात्र की शुरुआत एक ही दिन बृहस्पतिवार को हो रही है। इस पावन तिथि पर स्नान-दान के साथ घट स्थापना का ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि बृहस्पतिवार को 72 साल बाद चैत्र नवरात्र अमावस्या दिन शुरू होगी। अमावस्या का स्नान दान एवं घट स्थापना का संयोग एक ही दिन बन रहा है। पहले दिन शुक्ल, ब्रह्म, सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहे हैं। जिन्हें मातारानी के भक्ताें के लिए मंगलकारी एवं सुख समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। अमावस्या तिथि बुधवार सुबह 8.25 बजे से बृहस्पतिवार सुबह 6.52 बजे तक है। चैत्र प्रतिपदा तिथि बृहस्पतिवार सुबह 6.52 बजे से शुक्रवार सुबह 4.52 बजे तक है। चैत्र नवरात्र को लेकर बाह, जैतपुर में अपने घर या पंडाल में स्थापित करने के लिए देवी प्रतिमाओं को खरीददारी को भी मातारानी के भक्तों का तांता लगा रहा। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया बृहस्पतिवार से शुरू हो रही नवरात्र में शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जो माता रानी के भक्तों के लिए मंगलकारी सिद्ध होगा।