बच्चों के साथ बड़ों में भी निमोनिया
खांसी, जुकाम व बुखार के इलाज में देरी और अपने मन से एंटी बायोटिक लेना मरीजों को भारी पड़ रहा है। डॉ. अजीत सिंह चाहर ने बताया कि बच्चों के साथ बड़े भी निमोनिया से पीड़ित हो रहे हैं। इमरजेंसी में रोजाना दो से तीन मरीज पहुंच रहे हैं। बाल रोग विभाग में 157 मरीजों ने दिखाया। अधिकतर बच्चों में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के लक्षण हैं। कुछ बच्चों में निमोनिया की भी समस्या आ रही है।
डॉक्टरों ने यह दी सलाह
- यदि किसी में खांसी, जुकाम व बुखार है तो वह खुद को बच्चों व बुजुर्गों से अलग रखें। इनको अधिक खतरा है।
- खांसी आए तो घर में भी मास्क लगाएं।
- अपने मन से एंटी बायोटिक दवाएं न लें।
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। जाएं तो मास्क लगाकर।
लाइन में सटकर खड़े हुए
एसएन मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल दोनों जगहों पर मरीजों की भीड़ अधिक होने से लोग एक-दूसरे सटकर पर्चा बनवाने की लाइन में खड़े हुए। कुछ मरीज खांस-छींक रहे थे। तमाम लोग बिना मास्क लगाए हुए थे।