बरहन। आंवलखेड़ा स्थित गायत्री शक्तिपीठ में पूर्णिमा पर्व पर विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह 7 बजे प्रभात फेरी निकाली गई। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन से लोगों को संस्कारित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद गायत्री शक्तिपीठ परिसर में 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। इसके बाद नामकरण, विद्यारंभ, दीक्षा सहित विभिन्न संस्कार निशुल्क कराए गए। शाम को एक शाम गुरुदेव के नाम कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें गुरुदेव के जीवन, उनके आदर्शों एवं युग साहित्य पर प्रकाश डाला गया। दीपयज्ञ एवं विचार गोष्ठी भी हुई। शक्तिपीठ के केंद्र व्यवस्थापक जितेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि गुरु के आदर्शों को जीवन में उतारने का अवसर भी है।