कासगंज। राजापुर को तुलसी जन्मभूमि के नाम से विकास योजना की घोषणा कि जाने से सोरोंजी पक्ष के विद्वानों में आक्रोश है। भारत सरकार नगर विमानन मंत्रालय के हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य प्रोफेसर योगेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि सोरोंजी शूकर क्षेत्र गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि है। उन्होंने पीएम, सीएम एवं प्रदेश के पर्यटन मंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि राजापुर को विकास के लिए 21 करोड़ की धनराशि दी है यह अच्छी बात है, लेकिन गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि बताते हुए दी है यह गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी महापुरुष की जन्मभूमि का निर्णय कोई सरकार कैसे कर सकती है। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मुद्दा है इससे छेड़छाड़ गलत है। देश में आम चुनाव होने हैं। ऐसी स्थिति में मतदाताओं की नाराजगी को मोल लेना है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के कालखंड में किसी भी शासक ने गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मभूमि विषय का विवाद दूर रखा। उन्होंने कहा कि सभी गजेटियर बताते हैं कि सोरोंजी शूकरक्षेत्र ही गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि है। उन्होंने कहा कि सरकार सोरोंजी को तुलसी जन्मस्थली घोषित करे क्योंकि इसके सभी प्रमाण मौजूद हैं।