पारिवारिक न्यायालय में मध्यस्थ कराएंगे समझौता
-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सौंपी जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। दंपती के विवादों का पारिवारिक न्यायालय में मध्यस्थ समझौता कराएंगे। दंपती के बीच काउंसिलिंग करके मुकदमा शुरू होने से पहले समझौता कराने का प्रयास किया जाएगा। समझौता नहीं होने पर ही मुकदमे की सुनवाई होगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आठ मध्यस्थों को दंपती के बीच समझौता कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।
दीवानी न्यायालय में संचालित पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश तथा अपर प्रधान न्यायाधीश के न्यायालयोंं में दंपती के विवादों की सुनवाई की जाती है। भरण पोषण, विवाह विच्छेद के दायर मुकदमों में दोनों न्यायालयों दंपती का पक्ष सुना जाता है। मुकदमे की सुनवाई से पहले दंपती के विवाद में अब समझौते की पहल संबंधित पारिवारिक न्यायालय में ही होगी। दोनों न्यायालयों में मध्यस्थ दंपती में समझौता कराने का प्रयास करेंगे।
दंपती के बीच समझौता कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आठ मध्यस्थों को जिम्मेदारी सौंपी है। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय में रीता नैयर, वीरपाल सिंह राठौर, विजय कुमार मिश्रा, चंद्रभान सिंह यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय में विनीता सिंह भदौरिया, संजय चौहान, दिनेश यादव, आनंद कुमार सिंह यादव दंपती के बीच चल रहे विवाद में समझौता कराएंगे।
दंपती के विवादों की सुनवाई से पहले समझौते का प्रयास होगा। समझौता मध्यस्थ कराएंगे। दो न्यायालयों में आठ मध्यस्थ नामित किए गए हैं।
अमित सिंह, प्राधिकरण सचिव